छत्तीसगढ़

रजत वर्ष में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 2.22 लाख परिवारों को सस्ता राशन

Shantanu Roy
27 Oct 2025 7:05 PM IST
रजत वर्ष में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 2.22 लाख परिवारों को सस्ता राशन
x
छग
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। राज्य स्थापना के रजत वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लाखों हितग्राहियों को राहत और सुविधा प्रदान की जा रही है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले के 2 लाख 22 हजार 65 राशनकार्डधारियों को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से सस्ते दर पर चावल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक पात्र परिवार को उनके राशन कार्ड के प्रकार के अनुसार नियमित रूप से चावल का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना और अंत्योदय योजना जैसे कार्यक्रमों से लाभान्वित होने वाले परिवारों को भी इन दुकानों से कम दरों पर खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में 1 लाख 6 हजार 528 हितग्राहियों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को पारंपरिक चूल्हे से मुक्ति दिलाने और स्वास्थ्य सुरक्षा के उद्देश्य से चलाई जा रही है। अब अधिकांश ग्रामीण घरों में रसोई गैस की सुविधा उपलब्ध है, जिससे धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आई है और महिलाओं के जीवन में सुविधा बढ़ी है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रजत वर्ष के मौके पर जिले में चल रहे सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी लगातार की जा रही है, ताकि किसी भी पात्र हितग्राही को योजना से वंचित न रहना पड़े। विभागीय समीक्षा बैठकों में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता न हो।
वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले के 89 हजार 555 पंजीकृत किसानों से कुल 4 लाख 65 हजार 671.32 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और खरीदी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी की जा रही है।
Next Story